सेवा में ही आपको परम सुख मिलेगा।
गुरू की महिमा वेदों ने, पुराणों ने, स्मृतियों ने गाई है। बाबा नानकदेव जी ने तो बहुत ही सारतत्व में लिखा कि ‘सन्त की महिमा वेद न जाने, जेता सुना तेते बखाने’। सन्त और गुरू की महिमा को वेद भी नहीं जान पाये। जिनको वेद नहीं जान पाये तो सत्संग प्रेमियो! आप और हम विचार [...]


