Sri Dev Darbaar

आमन्त्रण पत्रम्, चतुर्थ महोत्सव

।। लश्र्मीनाथसमारम्भां यामुनाचार्यमध्यमाम् ।।
।। अस्मदाचार्यपर्यन्तां वन्दे गुरुपरम्पराम् ।।

समस्त धर्मप्रेमियों/भक्तों को सूचित किया जाता है कि अनन्त कोटि ब्रमाण्डनायक भगवान श्री लश्र्मीनारायण की अनुकम्पा से एवं अनन्त श्री विभूषित श्रीमद् जगद् गुरु रामानुजाचार्य इन्द्रप्रस्थ एवं हरियाणा पीठाधीश्वर वैकुण्ठवासी स्वामी सुदर्शनाचार्य जी, संस्थापक-श्री सिद्धदाता आश्रम, के अनुग्रह से तथा वर्तमान अनन्त श्री विभूषित श्रीमद् जगद् गुरु रामानुजाचार्य इन्द्रप्रस्थ एवं हरियाणा पीठाधीस्वर स्वमी श्री पुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज की अध्यक्षता में चतुर्थ ब्रह्मोत्सव महोत्सव सम्पन्न होने जा रहा है।

आप सपरिवार इस ब्रह्मोत्सव महोत्सव के सभी कार्यक्रमों में सादर आमंत्रित हैं।

निवेदकः
श्रीलक्ष्मीनारायण दिव्य धाम
जनहित सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट
श्री सिद्धदाता आश्रम, फरीदाबाद

कार्यक्रम विवरण

सोमवार, 9 मई, 2011

श्री रामानुजाचार्य जी जयन्ती, त्रिमज्जन सायं 5.00 बजे से
श्री रामानुजाचार्य जी की शोभा यात्रा तदुपरान्त सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं भण्डारा

मंगलवार, 10 मई, 2011

प्रातः भगवान् श्री लश्र्मीनारायण एवं समस्त विग्रहों का महाभिषेक, दिव्य श्रृंगार एवं
शोभा यत्रा सायं 5.00 बजे से तदुपरान्त सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं भण्डारा

सोमवार, 16 मई, 2011

श्री नृसिंह भगवान जयन्ती, त्रिमज्जन, शोभा यात्रा सायं 5.00 बजे से
तदुपरान्त सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं भण्डारा

रविवार, 22 मई, 2011

श्री गुरु महाराज की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में निःशुल्क चिकित्सा
शिविर प्रातः 9.00 बजे से 12.00 बजे तक तदुपरान्त भण्डारा

शुक्रवार, 27 मई, 2011

श्री सिद्धदाता आश्रम स्थापना दिवस एवं वैकुण्ठवासी गुरु महाराज जी का जन्मोत्सव
-वीथी परिक्रमा प्रातः 8.00 बजे तदुपरान्त सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं भण्डारा

सिद्धदाता आश्रम में धूमधाम से मनाई गई रामनवमी

नवरात्रे के नवें दिवस पर श्री सिद्धदाता आश्रम में स्वामी पुरूषत्तमाचार्य महाराज ने मां सिद्धिदात्री की पूजा अर्चना की। सैकड़ों भक्तों की उपस्थिति में वेद मंत्रों के उच्चारण के साथ मां की पूजा की गई। मां सिद्धिदात्री भक्तों और साधकों को सभी सिद्धियां प्रदान करती है। देवी पुराण के अनुसार भगवान शिव ने इनकी कृपा से इन सिद्धियों को प्राप्त किया था। इनकी अनुकम्पा से ही शिवजी का आधा शरीर देवी का हुआ था। मां सिद्धिदात्री की पूजा उपासना करने से भक्तों और साधकों की लौकिक-पारलौकिक सभी प्रकार की कामनाएं पूर्ण होती हैं। रामनवमी के शुभ अवसर पर स्वामी पुरूषोत्तमाचार्य ने भगवान श्री राम का अभिषेक वेद पाठियों के मंत्र उच्चारण के साथ किया। गुरु महाराज ने उपस्थित भक्त जनों को मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान राम के जन्मदिवस पर प्रेम, नम्रता, सदाचार और माता-पिता, गुरु के प्रति आदर भाव अपनाने का संदेश दिया। गुरु महाराज ने सभी भक्तों को प्रशाद और आर्शीवाद दिया।

- जय गुरु देव

Holi Celebration – March 2011

Mahashivratri Celebration – March 2011

 

Pages (42): « 1 2 [3] 4 5 6 » ... Last »